आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ी क्रांति देखने को मिल रही है। जानकारी और कंटेंट के लिए जहां लोग तेजी से AI की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, वहीं पब्लिशर्स लगातार इस चिंता में थे कि उनके रेवेन्यू पर असर पड़ रहा है। इसी बीच Perplexity ने एक अनोखा कदम उठाते हुए Comet Plus नाम का सब्सक्रिप्शन मॉडल लॉन्च किया है। यह मॉडल न केवल यूजर्स को बेहतर अनुभव देगा बल्कि पब्लिशर्स को सीधे कमाई का नया स्रोत भी उपलब्ध कराएगा।

Comet Plus को खासतौर पर इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि इसके जरिए पब्लिशर्स को उनकी असली वैल्यू के हिसाब से भुगतान हो। इसके तहत तीन तरह से रेवेन्यू शेयर होगा—पहला, जब यूजर्स सीधे पब्लिशर की वेबसाइट पर पहुंचेंगे; दूसरा, जब किसी AI-जनरेटेड आंसर में उनके कंटेंट का सिटेशन होगा और तीसरा, जब AI एजेंट उनके कंटेंट का इस्तेमाल करके किसी टास्क को पूरा करेगा।
सब्सक्रिप्शन फीचर्स और रेवेन्यू शेयरिंग का तरीका
Comet Plus की कीमत 5 डॉलर प्रति माह रखी गई है। इसके सब्सक्राइबर्स को पब्लिशर्स और जर्नलिस्ट्स के एक चुनिंदा ग्रुप का प्रीमियम कंटेंट पढ़ने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि मौजूदा Perplexity Pro और Max यूजर्स को यह सर्विस फ्री में उपलब्ध होगी।
रेवेन्यू शेयरिंग का तरीका भी पारदर्शी और यूनिक है। Perplexity ने शुरुआत में 42.5 मिलियन डॉलर का पूल तैयार किया है, जिसे पब्लिशर्स में बांटा जाएगा। इसके अलावा, कुल सब्सक्रिप्शन से आने वाले रेवेन्यू का 80% सीधे पब्लिशर्स को मिलेगा और बाकी 20% ऑपरेशनल कॉस्ट व कंप्यूटिंग खर्चों पर जाएगा। यह पहली बार है जब कोई AI कंपनी इतने बड़े पैमाने पर पब्लिशर्स के लिए एक सीधा और स्थायी रेवेन्यू मॉडल लेकर आई है।
पत्रकारिता और AI का संतुलन बनाने की कोशिश
आज के दौर में जहां AI तेजी से हर क्षेत्र पर हावी हो रहा है, वहीं पत्रकारिता और मौलिक कंटेंट को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पब्लिशर्स का कहना है कि जब लोग सीधे AI से जवाब लेते हैं, तो उनके प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक और विज्ञापन से होने वाली कमाई प्रभावित होती है। ऐसे माहौल में Perplexity का यह कदम पत्रकारिता को नई जान देने वाला साबित हो सकता है।
Perplexity की हेड ऑफ पब्लिशर पार्टनरशिप्स जेसिका चान का कहना है “Perplexity तभी सफल हो सकता है, जब पत्रकारिता सफल होगी। हमारा मकसद एक स्थायी और फलता-फूलता न्यूज़ इकोसिस्टम बनाना है, जो AI युग में भी मजबूती से खड़ा रहे।”
Comet Plus का लॉन्च यह साबित करता है कि भविष्य में AI और पब्लिशर्स एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होंगे। इससे न सिर्फ यूजर्स को क्वालिटी कंटेंट मिलेगा, बल्कि कंटेंट क्रिएटर्स और पब्लिशर्स को भी उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा।