चाइनीज कंपनी DeepSeek के लेटेस्ट AI ब्रेकथ्रू ने अमेरिका में हलचल मचा दी है! रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सरकार अब इसकी नेशनल सिक्योरिटी पर असर का गहराई से विश्लेषण कर रही है। व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट ने इस बारे में बयान देते हुए कहा कि अमेरिका इस नई टेक्नोलॉजी से होने वाले खतरों को समझने में जुटा है।

अमेरिकी नेवी ने DeepSeek के ऐप्स को किया बैन!
DeepSeek के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, अमेरिकी नेवी ने अपने मेंबर्स को इस ऐप का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस AI मॉडल के सिक्योरिटी और एथिकल कंसर्न को लेकर खतरे मंडरा रहे हैं।
दूसरी तरफ, OpenAI ने भी अपनी टेक्नोलॉजी को कॉपी होने से बचाने के लिए यूएस सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
DeepSeek की सस्ती AI टेक्नोलॉजी ने मचाया तहलका!
DeepSeek का AI मॉडल सस्ता होने के बावजूद बेहद पावरफुल माना जा रहा है, जिसने अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयर मार्केट को हिला दिया। बड़ी AI कंपनियों ने अब सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि क्या वे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जा रहे अरबों डॉलर को सही दिशा में निवेश कर रही हैं?
व्हाइट हाउस AI और क्रिप्टो मामलों के प्रमुख डेविड सैक्स ने कहा कि DeepSeek ने संभवतः OpenAI के मॉडल्स से नॉलेज डिस्टिलेशन टेक्निक का इस्तेमाल कर अपनी टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाया है। यह वही प्रक्रिया है जिसमें एक AI मॉडल दूसरे AI मॉडल से सीखकर खुद को अपग्रेड करता है।
OpenAI को डर – कहीं उनकी टेक्नोलॉजी चोरी तो नहीं हो रही?
OpenAI ने DeepSeek के अचानक उभरने पर चिंता जताते हुए कहा कि चाइनीज कंपनियां लगातार अमेरिका की बड़ी AI कंपनियों के मॉडल्स को कॉपी करने की कोशिश कर रही हैं।
कंपनी के मुताबिक, वे अपने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को सुरक्षित रखने के लिए कई कड़े कदम उठा रही हैं। OpenAI के एक बयान में कहा गया,
“हमारी टेक्नोलॉजी को प्रोटेक्ट करना हमारी प्राथमिकता है, और हम यूएस सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं।”
DeepSeek पर साइबर अटैक! क्या इसे रोकने की कोशिश हो रही है?
DeepSeek का कहना है कि उनकी कंपनी को भारी साइबर अटैक्स का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने अपने रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगा दी है। उनकी वेबसाइट पर एक बैनर भी दिखाया गया जिसमें लिखा है कि “रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में देरी हो सकती है”।
चाइनीज सरकारी मीडिया चैनल CCTV के मुताबिक, DeepSeek को हाल ही में कई बड़े साइबर अटैक्स झेलने पड़े हैं, जिनकी इंटेंसिटी लगातार बढ़ रही है।
क्या अमेरिका की AI लीडरशिप खतरे में है?
DeepSeek के इस चौंकाने वाले ब्रेकथ्रू से अमेरिकी टेक इंडस्ट्री घबराई हुई है, क्योंकि अब तक यह माना जाता था कि अमेरिका AI की रेस में चीन से काफी आगे है। यही कारण था कि अमेरिका ने चीन की हाई-एंड चिप्स तक पहुंच रोकने के लिए ट्रेड रेस्ट्रिक्शन्स लगाए थे।
हालांकि, टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका को अभी भी बढ़त हासिल है, क्योंकि अमेरिका के पास NVIDIA और AMD जैसी बड़ी चिप कंपनियां हैं। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं है कि DeepSeek ने वास्तव में कैसे अपना AI मॉडल तैयार किया और इसका असली पोटेंशियल क्या है।
ट्रंप का रिएक्शन – “ये अमेरिका के लिए एक वेक-अप कॉल है!”
DeepSeek के उभरने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी टेक इंडस्ट्री के लिए एक वेक-अप कॉल बताया। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह टेक्नोलॉजी सस्ते में बेहतर रिजल्ट दे सकती है, तो यह अमेरिका के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा,
“अगर कोई चीज सस्ते में ज्यादा अच्छा कर सकती है, तो यह हमारे लिए भी एक अच्छी बात हो सकती है। लेकिन हमें अपनी लीडरशिप बनाए रखनी होगी।”
यह भी पढ़े – 👉 चीन के DeepSeek AI ने ChatGPT को दी सीधी टक्कर! कहा सिर्फ पैसे से नहीं जीता जा सकता AI की रेस!