पत्नी का शव बाइक पर ढोता रहा पति, AI ने पकड़वाया 700 किमी दूर छिपा हत्यारा ट्रक!

Vidyut Paptwan | 18/08/2025
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महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 10 अगस्त को मोरफटा दरगाह इलाके में एक तेज रफ़्तार अज्ञात ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में 30 वर्षीय ग्यारसी अमित यादव की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठी पत्नी की लाश को पति अमित भूरा यादव ने मजबूरी में अपनी बाइक पर रखकर घर ले जाना पड़ा। इस दर्दनाक दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और हर किसी को झकझोर गया। लोगों में सवाल उठे कि आखिरकार इतने बड़े हादसे के पीछे कौन जिम्मेदार था।

बिना सुराग के जांच में जुटी पुलिस, AI बना मददगार

हादसे के बाद 11 अगस्त को पुलिस ने अमित यादव की शिकायत पर अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया। शुरू में जांच एजेंसी के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। लेकिन नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार के निर्देश पर जांच टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम MARVEL (Maharashtra Research and Vigilance for Enhanced Law Enforcement) का सहारा लिया। इस सिस्टम ने सिर्फ 15 मिनट में तीन अलग-अलग टोल नाकों के चार घंटे लंबे CCTV फुटेज का विश्लेषण कर लिया।

पहला AI एल्गोरिदम सभी लाल रंग के ट्रकों को पहचानता गया, वहीं दूसरा एल्गोरिदम उनकी गति और औसत समय का आकलन करने लगा। जब एक ट्रक की स्पीड पैटर्न में गड़बड़ी पाई गई तो शक गहराया कि यही वही वाहन हो सकता है जिसने हादसा किया था। AI की इस मदद से पुलिस की जांच और सटीक हो गई।

700 किमी दूर से पकड़ा गया आरोपी ट्रक

MARVEL की सटीक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास ट्रक को इंटरसेप्ट किया। आरोपी ड्राइवर सत्‍यपाल राजेंद्र, उम्र 28, को गिरफ्तार कर लिया गया। वह फर्रुखाबाद जिले के नगला खरिक गांव का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला।

पुलिस ने बताया कि इस हाई-टेक जांच ने जहां आरोपी को पकड़ने में तेजी दिखाई, वहीं इसने यह भी साबित किया कि AI अब अपराध जांच में एक बड़ा हथियार बन चुका है। महाराष्ट्र सरकार ने IIM नागपुर और चेन्नई स्थित पिनाका टेक्नोलॉजीज़ के साथ मिलकर MARVEL सिस्टम को तैयार किया है, जो न केवल सड़क हादसों बल्कि लापता महिलाओं-बच्चों, चोरी और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों को सुलझाने में भी पुलिस की मदद कर रहा है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब तकनीक का इस्तेमाल सही दिशा में किया जाए तो अपराधी कहीं भी छिपे हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते है।

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