दिसंबर 2024 में जब OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि ChatGPT रोजाना एक अरब प्रॉम्प्ट्स हैंडल कर रहा है, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ये संख्या कुछ महीनों में दोगुनी ही नहीं, डेढ़ गुनी बढ़कर 2.5 अरब तक पहुंच जाएगी। इस 150% की ग्रोथ ने दिखाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है।

भारत ने कैसे बना टॉप मोबाइल मार्केट
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ChatGPT के कुल 2.5 अरब में से लगभग 330 मिलियन प्रॉम्प्ट्स तो सिर्फ अमेरिका से आए हैं, लेकिन मोबाइल ऐप पर अपनाने के मामले में भारत सबसे आगे निकल आया है। देश में बढ़ते स्मार्टफोन यूजर्स और तेज़ इंटरनेट स्पीड ने AI टूल्स को हर कोने तक पहुँचाया है। छात्र हो या प्रोफेशनल, हर कोई अब सीधे अपने फोन पर ChatGPT से सवाल पूछकर फटाफट जवाब पा रहा है।
Google से कितना अलग है ChatGPT
Google जैसे पारंपरिक सर्च इंजन जहां आपके सवाल पर लिंक की लंबी लिस्ट दिखाता है, वहीं ChatGPT सीधा और पर्सनलाइज्ड जवाब देता है। कविता का सार हो या जटिल गणित का हल, कोडिंग टिप्स हो या बिजनेस रिपोर्ट—ChatGPT आपको पढ़कर, समझकर और जरूरत के हिसाब से रिजल्ट देता है। स्टूडेंट्स इसे अपना “AI ट्यूटर” मान चुके हैं, क्योंकि यह होमवर्क, प्रोजेक्ट और परीक्षा की तैयारियों में भी मदद करता है।
OpenAI का अगला कदम: AI Browser और ChatGPT Agent
OpenAI सिर्फ सवालों के जवाब तक सीमित रहने वाला नहीं है। कंपनी अब एक AI-पावर्ड ब्राउज़र तैयार कर रही है, जो Google Chrome जैसी डोमिनेंट ब्राउज़र्स को टक्कर दे सकता है। साथ ही “ChatGPT Agent” नामक एक नया टूल भी लॉन्च किया गया है, जो आपके कंप्यूटर पर ऑटोनॉमस टास्क कर सकता है जैसे ईमेल भेजना, फाइल मैनेज करना, या कोई रिपीटिंग वर्क ऑटोमैटिक करना।
अब जब हर दिन 2.5 अरब सवालों का जवाब देने वाला ChatGPT बेंचमार्क बन चुका है, तो सवाल यह नहीं कि क्या AI हमारे रोज़मर्रा का हिस्सा बनेगी, बल्कि यह है कि हम AI से कैसे बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं!
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